वाह रे गंगा नदी के किनारा
बगल में जेकरे बहत बा पनारा
घाटन पर कुत्तन अउर नाउन के मेला
ग़जब क होले भईया इहां ठेलम ठेला
कोई नहाला तो कोई छिड़कला पानी
भिंजैनीं बइठल दुलरवा के नानी
चिढ़ैंनी अइसे जइसे दूध के उबाला
वाह रे इ गंगा नदी के किनारा
ओह पार मचल बा बड़ा हो हल्ला
लइकन खेलत बायन बैट अउर बल्ला
करारे में निपटने सुक्खू के नन्ना
लेखू के सार चुहत बायन गन्ना
कुल सरवा झगड़ा इहां बिलाला
वाह रे गंगा नदी के किनारा
Tuesday, July 28, 2009
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